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सुप्रीम कोर्ट ने पुनः सरकार के मैगी से जुड़े विवाद की कार्यवाही काज बढ़ाये जाने की अनुमति प्रदान |
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नेस्ले इंडिया के खिलाफ राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) में सरकार के मामले में आगे की कार्यवाही की अनुमति प्रदान कर दी | सरकार ने नेस्ले पर अनुचित व्यापार तरीको का , झूठे लेबलिंग और भ्रामक विज्ञापनों का आरोपों पर 640 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा।
मैग्गी से जुड़ा यह विवाद नया नहीं है |
साल 2015 में पूरे देश से मैग्गी के नमूने लिए गए थे जिसमे लेड (LED) की मात्रा जरूरत से ज्यादा बताई जा रही थी |
Justice D Y Chandrachud की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि CFTRI (केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मैसूरु (Central Food Technological Research Institute, Mysuru) की रिपोर्ट, जहां मैगी नूडल के नमूनों का परीक्षण किया गया था, कार्यवाही का आधार बनेगी। शीर्ष अदालत ने इससे पहले NCDRC द्वारा नेस्ले को चुनौती देने से पहले कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ( Consumer Affairs Ministry ) ने 2015 में लगभग तीन दशक पुराने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में पहली बार एक प्रावधान का उपयोग करते हुए NCDRC के समक्ष नेस्ले इंडिया के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी।
इसने नेस्ले के खिलाफ मैगी नूडल्स उत्पाद से संबंधित अनुचित व्यापार प्रथाओं और गलत लेबलिंग (Unfair Trade Practices And False Labelling) के द्वारा भारतीय उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचाने के लिए शिकायत दर्ज की थी।
यह पहली बार था कि सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (Consumer Protection Act) की
धारा 12-1-D के तहत कार्रवाई की थी, जिसके तहत केंद्र और राज्यों दोनों के पास शिकायत दर्ज करने की शक्तियां हैं।
NCDRC के समक्ष दायर याचिका में, मंत्रालय ने आरोप लगाया था कि नेस्ले इंडिया (Nestle India) ने उपभोक्ताओं को गुमराह करते हुए यह प्रचार किया की मैगी नूडल हैल्दी है तथा यह लाइन अपने प्रचार में इस्तेमाल किया कि " टेस्टी भी हेल्दी भी "।
नेस्ले को MSG (मोनोसोडियम ग्लूटामेट Monosodium Glutamate ) की उच्च मात्रा के आरोपों पर अपने इंस्टेंट नूडल्स ब्रांड मैगी को बाजार से वापस लेना पड़ा।
खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने नमूनों में सीसे (LED)के अतिरिक्त स्तर पाए जाने के बाद मैगी नूडल्स पर प्रतिबंध लगा दिया था, इसे मानव उपभोग के लिए "असुरक्षित और खतरनाक" करार दिया।
FSSAI ने यह भी कहा था कि नेस्ले ने स्वाद बढ़ाने वाले 'MSG ' पर लेबलिंग नियमों का उल्लंघन किया है और कंपनी को आदेश दिया है कि वह अपने आदेशों की अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
THE SUPREME COURT OF INDIA REVIVED THE GOVERNMENT'S CASE IN NATIONAL CONSUMER COMMISSION
GS LEGAL
Nestle India Welcomes Supreme Court Ruling In Maggi Case
Reviewed by
GAURAV SINGH
on
January 04, 2019
Rating:
5
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